महादेवी वर्मा

हिंदी साहित्य की महिषी लेखिका महादेवी वर्मा उन विरले साहित्यकारों में से एक हैं, जिन्होंने भाषा और शिल्प में नवाचार की बुनियाद रखी. वह हिंदी साहित्य के छायावाद के चार प्रमुख स्तंभों में से एक हैं. सूर्यकांत त्रिपाठी निराला, जयशंकर प्रसाद, सुमित्रानंदन पंत के साथ उन्होंने हिंदी के एक पूरे युग को दिशा दी.

महादेवी वर्मा उल्लेखनीय प्रतिभा की धनी कवयित्री थीं और इससे भी बढ़कर, मानव रूप में ‘देवी’। उनका नाम महादेवी यूँ ही नहीं था। हिंदी साहित्य के महान कवि निराला महादेवी को ‘सरस्वती’ नाम से बुलाते हैं। उन्हें आधुनिक युग का ‘मीरा’ भी कहा जाता है।

महादेवी वर्मा की काव्य रचनायें

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